H-1B वीज़ा के नए नियम: ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

New Rule For H-1B Visa: ट्रंप प्रशासन ने एच1बी वीजा आवेदकों और उन पर निर्भर लोगों के बारे में किया ये अहम फैसला, अगर आपने किया है आवेदन तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लीजिए
New Rule For H-1B Visa: ट्रंप सरकार ने बीते दिनों ही एच1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाई थी। हालांकि, इससे पुराने एच1बी वीजा धारकों को छूट दी गई है। ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका की कंपनियां विदेशी कुशल कामगारों की जगह अपने देश के लोगों को ही नौकरियां दें। वैसे ट्रंप ने बाद में फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए ये माना था कि अमेरिका में शोध और तकनीकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कुशल कामगारों की जरूरत है। हालांकि, अब एक और कड़ा फैसला हो गया है।
वॉशिंगटन। अमेरिका ने एच1बी और एच4 वीजा के लिए स्क्रीनिंग बढ़ाने और जांच का एलान किया है। इससे पहले अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नए एच1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने का फैसला किया था। अमेरिका के विदेश विभाग ने बताया है कि 15 दिसंबर से वो एच1बी और एच4 वीजा के लिए स्क्रीनिंग और जांच बढ़ाने जा रहा है। इसके तहत इन वीजा की मांग करने वाले और उन पर निर्भर लोगों के बारे में ऑनलाइन प्रेजेंस प्रिव्यू किया जाएगा। साथ ही पहले से रिव्यू के दायरे में आए छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के लिए भी गहन जांच की जाएगी।

अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि इस गहन स्क्रीनिंग और जांच को आसान बनाने के लिए एच1बी और एच4, एफ, एम, जे नॉन इमिग्रेंट वीजा के आवेदक और उन पर निर्भर लोग अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर प्राइवेसी सेटिंग को पब्लिक कर दें। ताकि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की ठीक से जांच कर सकें। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरू होने पर कहा था कि वो अमेरिका में प्रवास के नियमों को सख्त करेंगे। ट्रंप का आरोप है कि विदेशी तेजी से अमेरिका में भर रहे हैं। जिससे अमेरिका की सुरक्षा को खतरा है।
ट्रंप सरकार ने बीते दिनों ही एच1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाई थी। हालांकि, इससे पुराने एच1बी वीजा धारकों को छूट दी गई है। ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका की कंपनियां विदेशी कुशल कामगारों की जगह अपने देश के लोगों को ही नौकरियां दें। वैसे ट्रंप ने बाद में फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए ये माना था कि अमेरिका में शोध और तकनीकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कुशल कामगारों की जरूरत है। ट्रंप के इस बयान से उम्मीद जगी थी कि एच1बी वीजा पर और रियायत दी जा सकती है। बता दें कि एच1बी वीजा हासिल करने वालों में 70 फीसदी भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, डॉक्टर और टीचर हैं। एच1बी वीजा लेने वालों में चीन के लोग दूसरे स्थान पर हैं।


