महाराष्ट्र में जो कुछ हुआ, क्या उसे सभ्य समाज की राजनीति कहा जा सकता है ?
दरअसल बात एक अभिनेत्री की नहीं बल्कि बात इस देश के किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की है। बात किसी तथाकथित अवैध निर्माण को गिरा देने की नहीं है बल्कि बात तो सरकार की अपने देशवासियों के प्रति दायित्वों की है।

