fbpx

NWM Special

कोरोना वैक्सीन के लिए जरूरी है Co-Win ऐप, कराना होगा रजिस्ट्रेशन, यहां जानें सब कुछ

तो सबसे पहले आपको बता दें कि को भी Co-Win ऐप है? सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक भारत में कोरोना टीकाकरण की योजना, कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए Co-Win ऐप विकसित किया गया है। कोरोना वैक्सीन को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए इस ऐप की मदद ली जाएगी।

आज भी प्रेरणा और हिम्मत देते हैं गुरू गोबिंद सिंह के उपदेश

शौर्य और साहस के प्रतीक तथा इतिहास को नई धारा देने वाले अद्वितीय, विलक्षण और अनुपम व्यक्तित्व के स्वामी गुरु गोबिंद सिंह जी को इतिहास में एक विलक्षण क्रांतिकारी संत व्यत्वित्व का दर्जा प्राप्त है।

संविधान को जानें: क्या आप अपने कर्तव्यों से वाकिफ हैं ? जानिए क्या होते हैं मौलिक कर्तव्य

अनुच्छेद 51(क) के तहत 11 मौलिक कर्तव्य हैं। 42वें संविधान संशोधन के जरिए 10 अधिकारों को जोड़ा गया था जबकि 11वें मौलिक कर्तव्य को 86वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में शामिल किया गया था और यह संशोधन साल 2002 में हुआ था।

आता वडिलोपार्जित जमीन वाटपासाठी कोणतेही शुल्क लागणार नाही, असा करा अर्ज

बहुतेक लोकांना वडिलोपार्जित जमीन अथवा इतर संपत्ती स्वतःच्या नावावर करायची असते. मात्र, त्यासाठी लागणाऱ्या सरकारी सोपस्कार आणि स्टँम्प ड्युटीमुळे त्यासाठी वेळकाढूपणा केला जातो. त्यामुळे कधी कधी दुसऱ्याच समस्या उभ्या राहतात. परिणामी त्या इस्टेटीला मुकावे लागते.

अयोध्या में बन रहा भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर राष्ट्र मंदिर के रूप में भी जाना जायेगा -प्रहलाद सबनानी

भारत में सनातन धर्म का गौरवशाली इतिहास पूरे विश्व में सबसे पुराना माना जाता है। कहते हैं कि लगभग 14,000 विक्रम सम्वत् पूर्व भगवान नील वराह ने अवतार लिया था। नील वराह काल के बाद आदि वराह काल और फिर श्वेत वराह काल हुए।

आजाद भारत की सबसे ताकतवर दलित नेता, भव्यता से भरा रहा जिनका जीवन

दिल्ली के कासांस्टिट्यूशन क्लब में सम्मेलन का संचालन राजनारायण कर रहे थे। राजनारायण मंच से दलित हितों की बात कर रहे थे लेकिन साथ ही वो हरिजन शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे। मायावती ने कहा कि एक तरफ आप जाति तोड़ने की बात कर रहे और दूसरी तरफ दलितों के लिए बार-बार हरिजन शब्द का प्रयोग कर रहे हैं।

कहानी सुखोई डील बचाए जाने की, जब अटल ने सुरक्षा जरूरतों को चुनाव से ऊपर रखा

इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर चलाई कि सुखोई लड़ाकू विमान का समझौता साइन होने से पहले लगभग 35 करोड़ डाॅलर रूसी सरकार को दिए गए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में इस बात की आशंका जताई गई कि पैसा एक तरह से घूस के रूप में सत्ताधारी पार्टी को वापस मिल गया क्योंकि उन्हें चुनावी मैदान में जाना था।

स्वामी विवेकानंद का रोम-रोम राष्ट्रभक्ति और भारतीयता से सराबोर था

युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने निजी मुक्ति को जीवन का लक्ष्य नहीं बनाया था। बल्कि करोड़ों देशवासियों के उत्थान को ही अपना जीवन लक्ष्य बनाया। राष्ट्र और इसके दीन-हीन जनों की सेवा को ही वह ईश्वर की सच्ची पूजा मानते थे।

हिंदी की विश्वभर में बढ़ रही है ताकत, पर अपने ही देश में हो रही है उपेक्षा

राजभाषा बनने के बाद हिन्दी ने विभिन्न राज्यों के कामकाज में आपसी लोगों से सम्पर्क स्थापित करने का अभिनव कार्य किया है। लेकिन अंग्रेजी के वर्चस्व के कारण आज भी हिन्दी भाषा को वह स्थान प्राप्त नहीं है, जो होना चाहिए।

‘एक देश, एक चुनाव’ समय की जरूरत है, इससे देश को होंगे बड़े फायदे

पिछले कई वर्षों से मांग उठ रही है कि देश की समस्त विधायी संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाए जाएं। मैं भी इस मांग का कई वर्षों से समर्थन कर रहा हूं। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मांग को बार-बार उठा रहे हैं लेकिन जो इस मांग के विरुद्ध हैं, उनके भी कुछ ठोस तर्क हैं।