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NWM Special

भारतीय वायु सेना के गौरवपूर्ण इतिहास और शौर्य की अद्भुत दास्तां

आज हमारी ‘भारतीय वायुसेना’ तेजी से समयानुसार अपना आधुनिकीकरण करके विश्व की सर्वोच्च श्रेष्ठ सेनाओं में से एक बन गयी है। आज अपने वीर शौर्यवान महावीर योद्धाओं के बलबूते और देश सेवा एवं देश सुरक्षा का जज्बा लेकर वो सशक्त राष्ट्र प्रहरी बन गयी है।

पीएम केयर्स फंड और प्रधानमंत्री राहत कोष में क्या अंतर है?

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत में पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई। लेकिन इसके साथ ही देश के बहुत सारे लोग इसपर सवाल उठाने लगे। कांग्रेस पार्टी समते कई बुद्धिजीवियों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम केयर्स पारदर्शी नहीं है और इसका सारा पैसा पीएम नेशनल रिलीफ फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए।

टीआरपी की होड़ में और कितना गिरेगा मीडिया? कलाकार की मौत का तमाशा बना दिया

एक फिल्मी कलाकार की मृत्यु इनके लिए बहुत बड़ा मुद्दा बन जाता है। इतना बड़ा कि “सुबह की खबरों” से लेकर रात की “प्राइम टाइम” तक इसी मुद्दे को लगभाग हर चैनल पर जगह मिलती है। वो अब चल दिए हैं वो अब आ रहे हैं, यही दिखा कर सब पैसा कमा रहे हैं।

गुरु शब्द का अर्थ ही अँधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला है

डॉ. राधाकृष्णन ने 12 साल की उम्र में ही बाइबिल और स्वामी विवेकानंद के दर्शन का अध्ययन कर लिया था। उन्होंने दर्शन शास्त्र से एम.ए. किया और 1916 में मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में सहायक अध्यापक के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई।

500 वर्षों के संघर्ष के दौरान हिंदुओं की राह बाधित करने के अनेकों प्रयास किये गये

ऐसा प्रतीत होता है कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जितने भी रामभक्त बाबरी विध्वंस में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित थे उन सभी में उस दिन रामेश्वरम रामसेतु के निर्माण में संलग्न देव तुल्य वानरों की आत्मा प्रवेश कर गई थी।

गवर्नर की भूमिका और विवेक, कब-कब राज्यपालों ने सत्ता बनाई और बिगाड़ी

केंद्र में सत्ता में होने पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया जाता रहा है। जब-जब बीजेपी और कांग्रेस विपक्ष में होती है तो एक-दूसरे पर लोकतंत्र और संविधान की हत्या का आरोप लगाया करती है।

कोरोना काल में जीवन के समक्ष खड़े हुए कई प्रश्न…उत्तर स्वयं में खोजना होगा

समृद्धि की बदलती फिजाएं एवं आर्थिक संरचनाएं अमीरी-गरीबी की खाई को पाटे। आज कहां सुरक्षित रह पाया है- ईमान के साथ इंसान तक पहुंचने वाली समृद्धि का आदर्श? कौन करता है अपनी सुविधाओं का संयमन? कौन करता है ममत्व का विसर्जन?

जागो नागरिक जागोः लागू हो गया नया उपभोक्ता कानून, जानिये अपने नये अधिकार

भारत का उपभोक्ता बाजार वाणिज्यिक संस्थानों को अपने कारोबार की बढ़ोतरी का शुरू से अवसर देता रहा है और इसी का अनुचित लाभ लेकर कारोबारी उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी, छल व कपट का भी कार्य भी करते रहे हैं।

गेम चेंजर साबित हो सकता है ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान

इस तरह के रोज़गार अभियान की देश में बहुत लम्बे समय से ज़रूरत थी। महानगरों से ग्रामों की ओर पलायन किए गए श्रमिकों में से दो तिहाई पलायनकर्ता श्रमिक कुशल हुनर वाले हैं। इसलिए यह विशेष योजना कुशल एवं अर्धकुशल श्रमिकों के लिए ही लाई गई है।